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50+ Rishte Matlabi Shayari | Hindi Matlab Shayari

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 जिंदगी में मतलब के रिश्ते ना बनाओ, वरना उन रिश्तों में खुद का मतलब खो दोगे।

 

रिश्तों की दुनिया में मतलब की तलाश न कर,

वरना तू भी कभी किसी के मतलबी होने का शिकार होगा।

 

अब तो रिश्तों में मतलब देखना छोड़ दो,

वरना खुद को ही एक दिन उन मतलबी रिश्तों का हिस्सा समझोगे।

 

रिश्तों में मतलब ढूंढना बंद करो,

वरना एक दिन खुद को भी मतलबी पाओगे।

 

 

रिश्ते निभाने वालों के साथ,

मतलबी रिश्तों की कोई ज़रूरत नहीं।

 

रिश्ते भले ही छोटे हों, पर मतलब नहीं होने चाहिए,

वरना उनकी बड़ी कीमत तुम्हें भुगतनी पड़ेगी।

 

रिश्तों के मतलबी पहलू देख कर,

जीने का दिल ही नहीं करता।

 

 

रिश्तों में मतलब नहीं, समर्पण और सहयोग होना चाहिए,

वरना रिश्तों की गहराइयों में डूबना पड़ेगा।

 

रिश्तों को मतलब से न देखो, उन्हें सम्मान और स्नेह से निभाओ,

क्योंकि मतलब से चलने वाले रिश्ते अटल होते नहीं।

 

रिश्तों में मतलबी लोग निभाते हैं,

सच्चे लोग तो रिश्तों को निभाते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से न जुड़ो, वे खुशियों का रास्ता होते हैं,

मतलब से जुड़े रिश्ते कभी खुश नहीं रह पाते।

 

रिश्ते दिल से निभाओ, ना कि मतलब से,

क्योंकि मतलब से जुड़े रिश्ते कभी टिकते नहीं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें सम्मान देने वाले कभी अकेले नहीं होते।

 

रिश्तों को मतलब समझने से पहले,

खुद के मतलबों को समझो।

 

रिश्तों में मतलबी लोग कभी भी,

सच्चे प्यार का महसूस नहीं कर पाते।

 

रिश्तों में मतलब से नहीं, दिल से जुड़ाव करो,

क्योंकि दिल से जुड़े रिश्ते हमेशा खुशियों से भरे रहते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, समझदारी से निभाओ,

क्योंकि समझदारी से निभाए रिश्ते हमेशा मजबूत रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

अपने दिल की धड़कनों को सुनो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, ईमानदारी से निभाओ,

क्योंकि ईमानदारी से निभाए रिश्ते हमेशा सच्चे होते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें दिल से निभाने वाले हमेशा खुश रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब देखने वाले कभी खुद को खुश नहीं रख पाते,

जबकि दिल से निभाने वाले हमेशा खुश रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

खुद को समझने की कोशिश करो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, समर्पण से निभाओ,

क्योंकि समर्पण से निभाए रिश्ते हमेशा सुखद रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समझने और समर्थन करने वाले हमेशा महान होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, विश्वास से निभाओ,

क्योंकि विश्वास से निभाए रिश्ते हमेशा अटूट रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

अपने दिल की आवाज़ को सुनो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, स्नेह से निभाओ,

क्योंकि स्नेह से निभाए रिश्ते हमेशा पुराने रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समर्पित और विश्वासी रूप से निभाने वाले हमेशा सफल होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, सम्मान से निभाओ,

क्योंकि सम्मान से निभाए रिश्ते हमेशा निष्ठावान रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब देखने वाले कभी खुद को संतुष्ट नहीं रख पाते,

जबकि दिल से निभाने वाले हमेशा संतुष्ट रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

दूसरों के दिल की भावनाओं को समझने की कोशिश करो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, समर्पण से निभाओ,

क्योंकि समर्पण से निभाए रिश्ते हमेशा निष्ठावान रहते हैं।

 

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समझने और सहानुभूति करने वाले हमेशा महान होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, स्नेह से निभाओ,

क्योंकि स्नेह से निभाए रिश्ते हमेशा सुखद रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

अपने दिल की आवाज़ को सुनो और उसका पालन करो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, सम्मान से निभाओ,

क्योंकि सम्मान से निभाए रिश्ते हमेशा मजबूत रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समर्पित और निष्ठावान रूप से निभाने वाले हमेशा सफल होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, ईमानदारी से निभाओ,

क्योंकि ईमानदारी से निभाए रिश्ते हमेशा पुराने रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब देखने वाले कभी खुद को संतुष्ट नहीं रख पाते,

जबकि दिल से निभाने वाले हमेशा संतुष्ट रहते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, विश्वास से निभाओ,

क्योंकि विश्वास से निभाए रिश्ते हमेशा अटूट रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब देखने वाले कभी खुद को खुश नहीं रख पाते,

जबकि दिल से निभाने वाले हमेशा खुश रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

दूसरों की भावनाओं को समझने की कोशिश करो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, समर्पण से निभाओ,

क्योंकि समर्पण से निभाए रिश्ते हमेशा निष्ठावान रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समझने और सहानुभूति करने वाले हमेशा महान होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, स्नेह से निभाओ,

क्योंकि स्नेह से निभाए रिश्ते हमेशा सुखद रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब समझने से पहले,

अपने दिल की आवाज़ को सुनो और उसका पालन करो।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, सम्मान से निभाओ,

क्योंकि सम्मान से निभाए रिश्ते हमेशा मजबूत रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब ना होने पर भी,

उन्हें समर्पित और निष्ठावान रूप से निभाने वाले हमेशा सफल होते हैं।

 

रिश्तों को मतलब से नहीं, ईमानदारी से निभाओ,

क्योंकि ईमानदारी से निभाए रिश्ते हमेशा पुराने रहते हैं।

 

रिश्तों में मतलब देखने वाले कभी खुद को संतुष्ट नहीं रख पाते,

जबकि दिल से निभाने वाले हमेशा संतुष्ट रहते हैं।

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rahulsarkar